रविवार, 31 जनवरी 2021

विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए

🌷 *विघ्नों और मुसीबते दूर करने के लिए* 🌷


👉 *आज 31 जनवरी 2021 रविवार को संकष्ट चतुर्थी ये जरूर करे  (चन्द्रोदय रात्रि 09:05)*शिव पुराण में आता हैं कि हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी ( पूनम के बाद की ) के दिन सुबह में गणपतिजी का पूजन करें और रात को चन्द्रमा में गणपतिजी की भावना करके अर्घ्य दें और ये मंत्र बोलें :*

🌷 *ॐ गं गणपते नमः ।*

🌷 *ॐ सोमाय नमः ।*

आचार्य आशुकवि पङ्कज ऊमर 

अंतराष्ट्रीय शोधार्थी भारत 

ज्योतिष गुप्तचर विभाग दिल्ली

बुधवार, 27 जनवरी 2021

 Couple and Married Life Partner lab Testing Perfect Thinking Like & Dislike, personality , Compatibility ,Brain Lobes and their Functions, High Neuron Activity, Acquiring Style  by science technology finger prints and Horoscope.


मारण वशीकरण उच्चाटन सम्मोहन आकर्षण आदि को दूर करे

 मारण वशीकरण  उच्चाटन  सम्मोहन आकर्षण आदि को दूर करे 


तंत्र का लक्षण : मन काबू में ना होना , नेत्र में रक्त निल वर्ण के के कड दिखना , बकवास करना , लगातार बीमार रहना नींद ना आना , मेडिकल के सरे रिपोर्ट नार्मल होना ,अचानक दुर्घटना ,जानवरो का शोर होना लगातार घर में मृत्यु होना , चककर आना , कोर्ध आना , किसी का बात न सुनना,शादी टूटना, संतान न होना , पति पत्नी में झगड़ा होना आदि! 

यैसा होना आज के समय में आम बात है लेकिन जब बिना प्रयोजन कारण ये प्रभाव दिखे तो उसका निवारण उच्चाटन तुरंत करना आवश्यक होता है, नहीं तो उसका निवारण असम्भव हो जाता है ! इसके लिए सिद्ध पुरुष की शरण जाना चाहिए खुद से प्रयोग करने से बचे नहीं तो अज्ञानता वश ये विकराल रूप भी धारण कर सकती है इसके संदर्भ में अधिक जानकारी  के लिए सम्पर्क करे 

मो० ७६६८३१९९७७ बिना अनुमति कॉल न करे !

आचार्य आशुकवि पंकज उमर

अंतराष्ट्रीय शोधार्थी भारत 

ज्योतिष गुप्तचर विभाग दिल्ली

सोमवार, 25 जनवरी 2021

आज की हमारी पूरी चर्चा आर्द्रा नक्षत्र पर आधारित रहेगी।


 आज की हमारी पूरी चर्चा आर्द्रा नक्षत्र पर आधारित रहेगी। यह आकाश मंडल का छठवां नक्षत्र है। आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी ग्रह राहु है, और इस नक्षत्र के देवता  रूद्र है, रूद्र शिव का ही एक नाम है,  और इस नक्षत्र के राशि स्वामी बुध होते है। अब क्योंकि ये नक्षत्र मिथुन राशि में सम्मलित है, और मिथुन राशि की स्वामी बुध है, यही वजह है कि इन लोगों पर बुध का सीधा प्रभाव देखने को मिलता है। आर्द्रा नक्षत्र मिथुन राशि में 6 डिग्री 40 मिनट से 20 डिग्री तक रहता है। इस नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह आंसू की बूंद को माना गया, आद्रा का अर्थ होता है नमी अर्थात शीलन. 

आर्दा नक्षत्र का स्वामित्व  राहु के पास होने के कारण इन जातकों में राहु ग्रह से जुड़े बहुत से लक्षण और गुण देखने को मिलते है और इस नक्षत्र का  पूरा समावेश मिथुन राशि के अंदर आता है और मिथुन राशि के स्वामी बुध देव है इस कारण इस नक्षत्र के लोगों में बुध का प्रभाव भी देखने को मिलता है। इस नक्षत्र के लोगों को बुध का साथ मिलने के कारण यह  अपनी बुद्धि कौशल के बल पर कठिन से कठिन कार्यों में सफल होते है। बुध देव को कैल्कुलेशन, इंजीनियरिंग, और बिज़नेस से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए आर्द्रा नक्षत्र के जातक ज्यादातर Mathematical operations से जुड़े जाँब में देखे जाते है। आर्द्रा नक्षत्र के जातक Mathematics, accounts, Commerce की field से जुड़े होते है, क्योंकि इस नक्षत्र के लोगों को पढना और पढाना बहुत अच्छा लगता है। आर्द्रा नक्षत्र के लोगों के अंदर राहु और बुध दोनो की अच्छी ऊर्जा देखने को मिलती है  और यही ऊर्जा इन्हे जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करती है।

इस नक्षत्र को थोड़ा और विस्तार से समझते है जैसा मैंने पहले कहा की इस नक्षत्र का सिंबल tear drop मतलब आसूं की बूँद को माना गया है और आंसू को भावनाओं का प्रतिरूप माना गया है, क्योंकि आंसु जब बहते है तब हमारे अंदर की निगेटिव ऊर्जा, मन में भरा क्रोध यह सब आंसु के माध्यम से निकल जाता है और जैसे ही आंसु बह जाते है तो हमारा मन बिल्कुल साफ हो जाता है और मन में एक नई फ्रेसनेस (ताजगी) का अहसास हो जाता है।

आर्द्रा नक्षत्र के लोगों में भावुकता ज्यादा होती है क्योंकि यह लोग दिल के बहुत ही साफ होते है, और इसी कारण लोगों की बातों में बहुत ही जल्दी आ जाते है। यह लोग बहुत ही खुशनुमा स्वभाव के होते है और यह बहुत ही ज्यादा जिज्ञासु भी होते है क्योंकि इन्हें हर चीज के बारे में जानना अच्छा लगता है। इन लोगों को जिस विषय में जानकारी नही होती है तो उसके बारे में पुछने में यह बिल्कुल भी संकोच नही करते है और उस विषय के जानकार से ज्ञान को अर्जित करते है तथा अपनी जिज्ञासा को शांत करते है। राहु और बुध की ऊर्जा इन लोगों की बहुत इंटेलीजेंट बनाती है। इन लोगों का नेचर थोडा सा बच्चों के जैसा होता है इन्हे खुश रहना ही अधिक पसंद होता है, परंतु अचानक से कुछ देर में नाराज भी हो जाते है। इनका जीवन बहुत ही परिवर्तन शील होता है । आर्द्रा नक्षत्र के लोगों की जिन्दगी बदलावों से  भरी होती है और यह निर्णय लेने में बिल्कुल भी देरी नही करते है क्योंकि इनको भी बदलाव पसंद होता है। आर्दा नक्षत्र के लोग बहुत इंटेलीजेंस होते है और इन लोगों का नेचर हेल्पफूल होता है। बुसिनेस सम्बंधित टैलेंट की बात करें तो बिज़नेस करने के गुण इनमें बहुत ज्यादा होते है क्योंकि बुध हमेशा इनके सपोर्ट में रहते है जिससे यह बिजनेस में काफी आगे तक जाते है। आर्द्रा नक्षत्र के लोगों में बुध और राहु का प्रभाव होने के कारण यह राजनीति में भी अच्छे राजनेता साबित होते है।

आर्द्रा नक्षत्र के लोगों में इस बात का थोड़ा सा ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह कभी कभी आवेग में आकर ऐसे फाइनेंशियल डिसीजन (Financial decision)ले लेते है जिससे थोड़ी बहुत हानि मतलब -Financial losses का सामना भी करना पड़ सकता है। आर्द्रा नक्षत्र के लोगों का लगाव Creative Business) में बहुत ज्यादा होता है, इसलिए ये लोग ऐसे बिज़नेस या जॉब में अधितकर मिलेंगे जहाँ ये अपनी क्रिएटिविटी दिखा पाएं, आर्द्रा नक्षत्र के लोग एकाउंट्स, electronics engineering, pharmacist, Ordnance department, Arms department, writer, editor की जॉब करते या इनसे सम्बंधित बिज़नेस करते है  

आर्द्रा नक्षत्र के जो लोग चिकित्सा के क्षेत्र से भी जुड़े होते है जैसे होमियोपैथी दवाईयां, आयुर्वैदिक दवाईयाँ से सम्बंधित कार्यों से जुड़े होते है,  इसके साथ-साथ जो लोग कीमोथेरेपी Chemotherapy करते है वह भी आर्द्रा नक्षत्र से संबंध रखते है। Software engineering, electrical engineer, software developer, animation में कैरियर बनाने  वाले लोग भी आर्दा नक्षत्र से संबंध रखते है क्योंकि कही न कही इस नक्षत्र के लोगों में राहु और बुध की इनर्जी का प्रभाव देखने को मिलता है।

अधिक जानकारी  से 

आचार्य आशुकवि पङकज उमर

अंतराष्ट्रीय शोधार्थी भारत 

ज्योतिष गुप्तचर विभाग दिल्ली 

मोबाइल न० 7668319977

आइये प्रणव’ (ॐ) की महिमा जाने R (चतुर्दशी आर्द्रा नक्षत्र योग : 26 जनवरी 2021 रात्रि को 01:12 से प्रातः 03:12 तक अर्थात् 27 जनवरी 2021 01:12 AM से 03:12 AM तक)

 आइये  प्रणव’ (ॐ) की महिमा जाने R (चतुर्दशी आर्द्रा नक्षत्र योग : 26 जनवरी 2021  रात्रि को 01:12 से प्रातः 03:12 तक अर्थात्  27 जनवरी 2021 01:12 AM से 03:12 AM तक)


🙏🏻 सूतजी ने ऋषियों से कहा : “महर्षियों ! ‘प्र’ नाम है प्रकृति से उत्पन्न संसाररूपी महासागर का | प्रणव इससे पार करने के लिए (नव) नाव है | इसलिए इस ॐकार को ‘प्रणव’ की संज्ञा देते हैं | ॐकार अपना जप करनेवाले साधकों से कहता है – ‘प्र –प्रपंच, न – नहीं है, व: - तुम लोगों के लिए |’ अत: इस भाव को लेकर भी ज्ञानी पुरुष ‘ॐ’ को ‘प्रणव’ नाम से जानते हैं | इसका दूसरा भाव है : ‘प्र – प्रकर्षेण, न – नयेत, व: -युष्मान मोक्षम इति वा प्रणव: | अर्थात यह तुम सब उपासकों को बलपूर्वक मोक्ष तक पहुँचा देगा|’ इस अभिप्राय से भी ऋषि-मुनि इसे ‘प्रणव’ कहते हैं | अपना जप करनेवाले योगियों के तथा अपने मंत्र की पूजा करनेवाले उपासको के समस्त कर्मो का नाश करके यह उन्हें दिव्य नूतन ज्ञान देता है, इसलिए भी इसका नाम प्रणव – प्र (कर्मक्षयपूर्वक) नव (नूतन ज्ञान देनेवाला) है |

🙏🏻 इस मायारहित महेश्वर को ही नव अर्थात नूतन कहते हैं | वे परमात्मा प्रधान रूप से नव अर्थात शुद्धस्वरुप है, इसलिए ‘प्रणव’ कहलाते हैं | प्रणव साधक को नव अर्थात नवीन (शिवस्वरूप) कर देता है, इसलिए भी विद्वान पुरुष इसे प्रणव के नाम से जानते हैं  अथवा प्र – प्रमुख रूप से नव – दिव्य परमात्म – ज्ञान प्रकट करता है, इसलिए यह प्रणव है |

🙏🏻 यद्यपि जीवन्मुक्त के लिए किसी साधन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह सिद्धरुप है, तथापि दूसरों की दृष्टि में जब तक उसका शरीर रहता है,  उसके द्वारा प्रणव – जप की सहज साधना स्वत: होती रहती है | वह अपनी देह का विलय होने तक सूक्ष्म प्रणव मंत्र का जप और उसके अर्थभूत परमात्म-तत्त्व का अनुसंधान करता रहता है | जो अर्थ का अनुसंधान न करके केवल मंत्र का जप करता है, उसे निश्चय ही योग की प्राप्ति होती है | जिसने इस मंत्र का ३६ करोड़ जप कर लिया हो, उसे अवश्य ही योग प्राप्त हो जाता है | ‘अ’ शिव है, ‘उ’ शक्ति है और ‘मकार’ इन दोनों की एकता यह त्रितत्त्वरूप है, ऐसा समझकर ‘ह्रस्व प्रणव’ का जप करना चाहिए | जो अपने समस्त पापों का क्षय करना चाहते हैं, उनके लिए इस ह्रस्व प्रणव का जप अत्यंत आवश्यक है |

🙏🏻 वेद के आदि में और दोनों संध्याओं की उपासना के समय भी ॐकार का उच्चारण करना चाहिए | भगवान शिव ने भगवान ब्रम्हाजी और भगवान विष्णु से कहा : “मैंने पूर्वकाल में अपने स्वरूपभूत मंत्र का उपदेश किया है, जो ॐकार के रूप में प्रसिद्ध है | वह महामंगलकारी मंत्र है | सबसे पहले मेरे मुख से ॐकार ( ॐ ) प्रकट हुआ, जो मेरे स्वरूप का बोध करानेवाला है | ॐकार वाचक है और मैं वाच्य हूँ | यह मंत्र मेरा स्वरुप ही है | प्रतिदिन ॐकार का निरंतर स्मरण करने से मेरा ही सदा स्मरण होता है |

🙏🏻 मुनीश्वरो ! प्रतिदिन दस हजार प्रणवमंत्र का जप करें अथवा दोनों संध्याओं के समय एक-एक हजार प्रणव का जप किया करें | यह क्रम भी शिवप्रद की प्राप्ति करानेवाला है |

🙏🏻 ‘ॐ’ इस मंत्र का प्रतिदिन मात्र एक हजार जप करने पर सम्पूर्ण मनोरथों की सिद्धि होती है |

🙏🏻 प्रणव के ‘अ’ , ‘उ’ और ‘म’ इन तीनों अक्षरों से जीव और ब्रम्ह की एकता का प्रतिपादन होता है – इस बात को जानकर प्रणव ( ॐ ) का जप करना चाहिए | जपकाल में यह भावना करनी चाहिए कि ‘हम तीनों लोकों की सृष्टि करनेवाले ब्रम्हा, पालन करनेवाले विष्णु तथा संहार करनेवाले रुद्र जो स्वयंप्रकाश चिन्मय हैं, उनकी उपसना करते हैं | यह ब्रम्हस्वरूप ॐकार हमारी कर्मेन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों की वृत्तियों को, मन की वृत्तियों को तथा बुद्धि की वृत्तियों को सदा भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाले धर्म एवं ज्ञान की ओर प्रेरित करें | प्रणव के इस अर्थ का बुद्धि के द्वारा चिंतन करता हुआ जो इसका जप करता है, वह निश्चय ही ब्रम्ह को प्राप्त कर लेता है | अथवा अर्थानुसंधान के बिना भी प्रणव का नित्य जप करना चाहिए | 🙏🏻 (‘शिव पुराण’ अंतर्गत विद्धेश्वर संहिता से संकलित)

👉🏻 भिन्न-भिन्न काल में ‘ॐ’ की महिमा

➡ आर्दा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी के योग में (दिनांक 26 जनवरी 2021 को रात्रि 01:12 से प्रातः 03:12 तक अर्थात्  27 जनवरी 2021 01:12 AM से 03:12 AM तक) प्रणव का जप किया जाय तो वह अक्षय फल देनेवाला होता है |

आचार्य आशुकवि पङकज उमर

अंतराष्ट्रीय शोधार्थी भारत 

ज्योतिष गुप्तचर विभाग दिल्ली 

मोबाइल न० 7668319977

रविवार, 24 जनवरी 2021

प्रेमी के चित्र में छाती पर सर्प बैठा के लिया गया वशीकरण


 प्रेमी के चित्र में छाती पर सर्प बैठा के लिया गया वशीकरण बंधन विफल होने पर वह प्रतिशोध की भावना से प्रेमी के चित्र पर बैठे मंत्र रूपी सर्प से प्रेमी को डंसाती है आइये इस तंत्र का नाश करे.....

*गूगल पिली सरसो का तत्काल धुप करे 

*वडवानल स्त्रोत्र का पथ करे 

*कपूर के अर्क में रहे

*और तत्काल इसकी उच्चाटन कराये जानकारी के लिए सम्पर्क करे 

आचार्य आशुकवि पङकज उमर

अंतराष्ट्रीय शोधार्थी भारत 

ज्योतिष गुप्तचर विभाग दिल्ली 

मोबाइल न० 7668319977

आइये लड़की की शादी नहीं हो रही हो

 आइये लड़की की शादी नहीं हो रही हो


तो करें यह उपाय 

*और रामायण जी की महा मन्त्र चौपाई बोले

🌸🌸 जय जय गिरिवर राज किशोरी

जय महेश मुख चंद्र चकोरी

* बेटी बाएं हाथ की सबसे छोटी उंगली के ऊपरी हिस्से में गुरुवार को मेहंदी लगाएं ल

*रात को 🛏️सोने से पहले अपने इष्ट का, गुरु का और मां पार्वती का सुमिरन करके सोए l

 मंत्र बोले  🌹ओम पार्वत्यै नमः 🌹ओम अंबिकाएं नमः  🌹ओम उमाये: नमः🌹ओम शंकर प्रियाये नमः

अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करे _

आचार्य आशुकवि पङकज उमर

अंतराष्ट्रीय शोधार्थी भारत 

ज्योतिष गुप्तचर विभाग दिल्ली 

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आइये सौभाग्य-रक्षा और सुख-शांति व समृद्धि बढ़ाने हेतु

 🌷 *आइये सौभाग्य-रक्षा और सुख-शांति व समृद्धि बढ़ाने हेतु एक प्रयोग सीखे..👩🏻 माताएँ-बहनें रोज स्नान के बाद पार्वती माता का स्मरण करते-करत...